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आहार

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Wednesday, 6 May 2026

आम का मीठा अचार

सामग्री :

            आम 1 कि.ग्रा., नमक 100 ग्राम, गुड़ या शक्कर 500 ग्राम, लाल मिर्च चूर्ण 30 ग्राम, धनिया 5 ग्राम, सौंफ 25 ग्राम, सोंठ एक ग्राम एवं लौंग (बिना फूल के) 5 ग्राम ।

विधि :

1.    आम के फलों का चुनाव, धोना, सुखाना तथा स्टेनलैस स्टील के चाकू से काटना, आम के तेल युक्त अचार की तरह ही करें ।

2.    गुड़ 500 ग्राम या शक्कर में 250 ग्राम, पीने योग्य पानी मिला कर, आँच  पर चढ़ा एक तार की चाशनी बनायें  ।

3.    चाशनी में सभी मसाले पीस कर मिलायें ।  अब इसमें आम के टुकड़े मिलायें । 

4.    धुली तथा सूखी बरनी में मिश्रण भरें तथा ढक्कन अच्छे प्रकार से बंद कर स्वच्छ व सूखे स्थान पर रखें । बीस से पच्चीस दिनों में अचार तैयार पायें ।

आम की गिरी का अचार

 सामग्री :

 आम की गिरी 1 कि.ग्रा., आम कच्चे किसे हुये लच्छे 250 ग्राम, राई की दाल 100 ग्राम, मेथीदाना 50 ग्राम, सौंफ हरी बड़ी, 50 ग्राम हींग स्वादानुसार, खड़ी कालीमिर्च 20 ग्राम, लौंग 10 ग्राम, हल्दी चूर्ण 50 ग्राम, तेल 500 मि.ली., नमक 200 ग्राम एवं लालमिर्च चूर्ण 50 ग्राम ।

विधि:

1.       प्रथम चार चरणो को ठोक्कू के निर्माण विधि की तरह ही करें ।

2.       आम की गुठली को स्वच्छ पीने योग्य जल से धोयें व साफ करें ।

3.       किसे हुये आम के लच्छे, गुठली व मसालों को स्वच्छ सूखे हुये बरनी में मिश्रित करें । अच्छी तरह ढक्कन से ढक कर रख दें ।

4.       दो दिन पश्चात तेल को गर्म करें तथा ठंडा होने के पश्चात बरनी में इस प्रकार भर दें जिससे सारे आम के लच्छे व गुठली पूरी तरह डूब जायें ।

5.       बरनी को स्वच्छ व सूखे स्थान पर 15 दिन के लिये रख दें । पन्द्रह दिन बाद अचार तैयार पायें ।

Thursday, 16 April 2026

आम, अमरूद, कटहल, पपीते, जामुन और फालसे का नैक्टर

आम का नैकटर:

सामग्री:

फल का गूदा 1 किग्रा., शक्कर 500 ग्राम, जल 1.75 लीटर एवं सिट्रिक अम्ल 10 ग्राम ।

आम का नैकटर बनाने कि विधि:

1. आम के शर्बत की तरह ही फलों का चुनाव करें ।

2. गूदे को मलमल के धुले एवं सूखे कपड़े अथवा स्टेनलैस स्टील की छन्नी से छानें ।  गूदे को एक उबाल आने तक उबालें ।

3. स्टेनलैस स्टील भगोने में निर्धारित मात्रा में पीने योग्य पानी तथा शक्कर जल में एवं सिट्रिक अम्ल मिश्रित करें। इस मिश्रण में गूदे  डाल, मथानी से मिश्रित करें ।

4. संतरे के शर्बत की तरह बोतलों को निर्जमीकृत कर नेक्टर भरें । नेक्टर से भरी बोतलें उबलते पानी में पाँच मिनट तक गर्म करें । बोतलों  को भगोने में रखने के पहले भगोने के तल पर साफ धुला हुआ कपड़ा रखें । भगोने में बोतलें इस प्रकार रखें कि बोतलों के भीतर जल न जाये एवं बोतलों के भीतर से नेक्टर बाहर न आये ।

5. नेक्टर के गर्म रहते ही निर्जमीकृत कॉर्क से बातलों का मुँह बंद कर मोम लगाकर बोतलों को वायुरूद्ध करें । बोतलों को स्वच्छ, सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर रखें ।

अमरूद को नैक्टर

सामग्री:

फल का गूदा 1 कि.ग्रा., शक्कर 500 ग्राम, सिट्रिक अम्ल 10 ग्राम एवं जल 3 लीटर ।

1. दाग, धब्बे  कीट एवं रोग रहित, पके किन्तु बिना पिलपिलाहट लिये अमरूद का चुनाव करें ।

2. अमरूद को बहते पीने योग्य जल से धोयें ।

3. स्टेनलैस स्टील के साफ, डिर्टेजेंट से धुले एवं सूखे चाकू से अमरूद को काट कर जल  की न्यूनतम आवश्यक मात्रा में उबालें ।  जिससे गूदा मुलायम हो जाये ।

4. गूदा प्राप्त कर बीज छान कर अलग कर लें ।

5. शेष विधि आम के नेक्टर की तरह ही अपनायें ।

पपीते का नैक्टर:

सामग्री:

फल का गूदा 1 कि.ग्रा., शक्कर 200 ग्राम, जल 1.5 लीटर एवं सिट्रिक अम्ल 50 ग्राम ।

पपीते का नैक्टर बनाने की विधि:

1. पपीते के दाग धब्बे, कीट-रोग रहित पके किन्तु बिना पिलपिले फलों का चुनाव करें ।

2. शेष विधि अमरूद के नैक्टर की तरह अपनायें ।

कटहल का नेक्टर:

सामग्री:

गूदा 1 कि.ग्रा., शक्कर 2.5 कि.ग्रा., जल 2.5 लीटर, सिट्रिक एवं अम्ल 45 ग्राम ।

कटहल का नेक्टर बनाने की विधि:

फल का चुनाव पपीते की तरह करें तथा फल को काटकर बीज हटाकर न्यूनतम आवश्यक मात्रा में उबालकर गूदा तैयार करें । शेष विधि आम के नैक्टर की तरह अपनायें ।

जामुन का नैक्टर:

सामग्री:

रस 1 लीटर, शक्कर 750 मि.ग्रा., जल 250 मि.ली., सिट्रिक अम्ल 10 ग्राम अथवा 10 नींबू का रस ।

जामुन का नैक्टर बनाने की विधि:

जामुन के शर्बत बनाने के लिये जिस तरह के फलों का चुनाव किया उसी प्रकार  जामुन का नैक्टर बनाने के लिये फल का चुनाव करें, फलों को धोयें एवं गुठली निकालकर गूदा प्राप्त करें । गूदे से रस प्राप्त करें । चाशनी तैयार कर सिट्रिक अम्ल के साथ रस  को मिश्रित करें । तैयार नैक्टर को निर्जमीकृत बोतलों में भरकर निर्जमीकृत कॉर्क द्वारा बंद कर मोम द्वारा सील करें ।

जामुन का नैक्टर:

सामग्री :

जामुन के फल शर्बत के फल की तरह ही का चुनाव कर धोयें एवं गुठली निकालकर गूदा प्राप्तकरें।

जामुन का नैक्टर बनाने की विधि:

1. गूदे से रस प्राप्त करें ।

2. चाशनी  तैयार कर सिट्रिक अम्ल के साथ रस में मिश्रित कर नैक्टर तयार करें ।

3. तैयार नैक्टर को निर्जमीकृत बोतलों  में भरकर निर्जमीकृत कॉर्क द्वारा बंद कर मोम द्वारा सील करें ।

फालसे का नैक्टर:

सामग्री:

रस 1 लीटर, शक्कर 500 ग्राम, जल 1.5 लीटर एवं सिट्रिक अम्ल ।

फालसे का नैक्टर बनाने कि विधि:

1. अच्छी तरह पके हुये  साफ फल लें ।

2. फलो को धोयें तथा गूदा प्राप्त करें ।

3. गूदे को 5-10 मिनट गर्म करें, साफ धुले एवं सूखे मलमल के कपड़े में दबाकर रस प्राप्त करें ।

4. शेष विधि जामुन के नैक्टर की तरह अपनायें । 

Monday, 13 April 2026

स्वादिष्ट जैम बनाने की वैज्ञानिक विधि

 निश्चित  मात्रा में पैक्टिन एवं अम्ल युक्त, एक प्रकार से पके फल अथवा विभिन्न प्रकार से पके फलों के गूदे एवं शक्कर को निश्चित  समय तक जल में उबाल कर तैयार किया गया, मुलायम, चिकना, आकर्षक फलों के स्वाद एवं सुगंध से युक्त 68.5 प्रतिशत  घुलनशील  ठोस पदार्थ वाला खाद्य पदार्थ हैं ।



जैम निर्माण की विधि:

1.  जैम बनाने की विधि जैली बनाने की विधि बनाने जैसी ही है । आम, अन्नानास एवं पपीते के पके हुये   स्वस्थ, ताज़े, सुगंधित फलों से जैम का निर्माण किया जाता है । चयनित फलों को बहते हुये साफ जल में दो मिनट तक धोने के उपरांत डंठल, पत्ती, छिल्के , बीज इत्यादि को निकाल कर मध्यम आकार के टुकडों में काटकर बताई गई जल की मात्रा में 15 मिनट तक पकायें, साथ ही गूदे को कुचलें  एवं स्टेनलिस स्टिील की छन्नी से गूदे को छान लें ।

2.    एक किलो फल के गूदे में बताई गई मात्रा (यदि फल मीठा है तो 600 से 750 ग्राम शक्कर और यदि फल हल्का खट्टा हो तो 800 ग्राम से 1 किलो साफ शक्कर) में साफ शक्कर मिलाते हुये जैम तैयार होते तक उबालें ।

3.   चूँकि पके हुये फल में पैक्टीन कम होता है अत: 1 किलो आम के गूदे में 1 से 2 चम्मच नींबू  का रस  मिलायें ताकि जैम अच्छे से जमें और शक्कर के दाने (क्रिस्टिल) नहीं बनें । परीक्षण की तरह ही जैम निर्माण में परीक्षण के लिये शीट परीक्षण करें । जब जैम चम्मच से एक साथ अंग्रेजी के ‘‘यू‘‘ अक्षर का आकार बनाकर गिरे तब जैम को तैयार समझना चाहिये । बोतल का निर्जिमीकरण, जैम की बोतलीबंदी, सीलिंग, खराब होने के कारण, निराकरण एवं सावधानियाँ जैली निर्माण के समान हैं ।

विशेष:  

1. जैम एक प्रकार के फल या कई प्रकार के फलों के गूदे को मिलाकर भी बनाया जा सकता है ।

2. जैम निर्माण में 40 पी.पी.एम. (एक किलो में लगभग दो चुटकी) पोटैशियम-मेटा-बाय-सल्फाईट  परिरक्षण हेतु मिलायें ।