निश्चित मात्रा में पैक्टिन एवं अम्ल युक्त, एक प्रकार से पके फल अथवा विभिन्न प्रकार से पके फलों के गूदे एवं शक्कर को निश्चित समय तक जल में उबाल कर तैयार किया गया, मुलायम, चिकना, आकर्षक फलों के स्वाद एवं सुगंध से युक्त 68.5 प्रतिशत घुलनशील ठोस पदार्थ वाला खाद्य पदार्थ हैं ।
जैम निर्माण की विधि:
1. जैम बनाने की विधि जैली बनाने की विधि बनाने जैसी ही है । आम, अन्नानास एवं पपीते के पके हुये स्वस्थ, ताज़े, सुगंधित फलों से जैम का निर्माण किया जाता है । चयनित फलों को बहते हुये साफ जल में दो मिनट तक धोने के उपरांत डंठल, पत्ती, छिल्के , बीज इत्यादि को निकाल कर मध्यम आकार के टुकडों में काटकर बताई गई जल की मात्रा में 15 मिनट तक पकायें, साथ ही गूदे को कुचलें एवं स्टेनलिस स्टिील की छन्नी से गूदे को छान लें ।
2. एक किलो फल के गूदे में बताई गई मात्रा (यदि फल मीठा है तो 600 से 750 ग्राम शक्कर और यदि फल हल्का खट्टा हो तो 800 ग्राम से 1 किलो साफ शक्कर) में साफ शक्कर मिलाते हुये जैम तैयार होते तक उबालें ।
3. चूँकि पके हुये फल में पैक्टीन कम होता है अत: 1 किलो आम के गूदे में 1 से 2 चम्मच नींबू का रस मिलायें ताकि जैम अच्छे से जमें और शक्कर के दाने (क्रिस्टिल) नहीं बनें । परीक्षण की तरह ही जैम निर्माण में परीक्षण के लिये शीट परीक्षण करें । जब जैम चम्मच से एक साथ अंग्रेजी के ‘‘यू‘‘ अक्षर का आकार बनाकर गिरे तब जैम को तैयार समझना चाहिये । बोतल का निर्जिमीकरण, जैम की बोतलीबंदी, सीलिंग, खराब होने के कारण, निराकरण एवं सावधानियाँ जैली निर्माण के समान हैं ।
विशेष:
1. जैम एक प्रकार के फल या कई प्रकार के फलों के गूदे को मिलाकर भी बनाया जा सकता है ।
2. जैम निर्माण में 40 पी.पी.एम. (एक किलो में लगभग दो चुटकी) पोटैशियम-मेटा-बाय-सल्फाईट परिरक्षण हेतु मिलायें ।

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