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आहार

Wednesday, 6 May 2026

तेलयुक्त अचार बनाने की विधि

 नमक, तेल, मसाले, सिरका अथवा क्लास - 2 परिरक्षक (सोडियम बैंज़ोयेट ) द्वारा समूल अथवा टुकड़ों में फल एवं सब्ज़ियों को परिरक्षित करने की विधि को अचार बनाना या पिकलिंग कहते है एवं तैयार उत्पाद को अचार कहते है ।

अचार से होने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं :

1.        अचार स्वादिष्ट होता है एवं भूख में वृद्धि करता है ।

2.        अचार आहार को विविधता प्रदान करता है ।

3.        अचार फलन के ऋतु के अतिरिक्त भी परिरक्षित रूप में फल एवं सब्जियाँ तथा उनमें विद्यमान पौष्टिक तत्व उपलब्ध रहते हैं ।

4.        फलन के समय में बाज़ार  में माँग से अधिक होने के कारण, फल एवं सब्ज़ियों  की दर में कमी आ जाती है । ऐसे समय में फल एवं सब्ज़ियों को क्रय कर परिरक्षित किया जाता है एवं फलन की ऋतु के अतिरिक्त इन्हें अधिक दर पर विक्रय कर आर्थिक लाभ लिया जाता है ।

फलों का अचार :

तेल युक्त आम का अचार:

सामग्री:

कच्चे आम के टुकडे 1 कि.ग्रा., नमक 250 ग्राम, हल्दी 20 ग्राम, मैथी50 ग्राम, कलौंजी 20 ग्राम, ज़ीरा  10 ग्राम, काली मिर्च 10 ग्राम, लाल मिर्च 8 ग्राम, हींग 2 ग्राम, सौंफ 25 ग्राम एवं सरसों का तेल 400 मिली.।

फलों का अचार बनाने कि विधि:

1.    जालीदार, सफेद, खट्टे, दाग रहित, कीट एवं रोग रहित, सम्पूर्ण कच्चे आम का चुनाव करें ।

2.    आम को धो कर समान आकार में, धुले एवं सूखे चाकू से काट कर गुठली हटायें ।

3.    आम के टुकड़ों   में नमक लगाकर निर्जमीकृत (सूक्षम्जीवों से रहित) बरनी (चौड़े मुँह की बोतल अथवा बरनी) में भर कर बरनी के मुँह पर स्वच्छ एवं सूखा हल्का कपड़ा बाँध कर 4 दिन धूप में रखें ।

4.    आम के टुकडों को बरनी से निकालकर, साफ कपडे़ पर फैलाकर धूप में 1 से 2 घंटे तक स्टेनलैस  तथा नमक युक्त जल को अलग कर दें ।

5.    मेथी, कलौंजी तथा सौंफ को मोटा पीसें । अन्य मसालों को बारीक पीसें । इन सभी मसालों  की कुल मात्रा के एक तिहाई हिस्से में  मिलायें । बारीक़ पिसे नमक को मसाले युक्त आम के टुकड़ों में मिला कर बरनी में दबा कर भरें । तत्पश्चात् बरनी के मुँह तक तेल की शेष मात्रा भरें ताकि आम के सभी टुकड़े तेल में डूब जायें । पन्द्रह से बीस दिन बाद आम का अचार खाने योग्य हो जायेगा।

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