Total Pageviews

आहार

Monday, 13 April 2026

स्वादिष्ट मार्मलेड बनाने की वैज्ञानिक विधि

सिट्रस (संतरा) जाति के फलों की निश्चित  मात्रा में रस अथवा गूदे में शक्कर एवं सिट्रिक अम्ल को निश्चित  समय तक उबाल कर उत्पाद में पूर्व से तैयार छिल्के  के पतले टुकड़ों को 40 पी.पी.एम. (एक किलो में दो चुटकी), परिरक्षक, फलानुसार अनुशंसित रंग  एवं एसेंस मिश्रित कर तैयार किया गया स्वादिष्ट मुलायम चमकदार पारदर्शी उत्पाद है ।

मार्मलेड के प्रकार :मार्मलैड दो प्रकार के होते है

1. जैम मार्मलेड :  इस उत्पाद को जैम में फल के छिल्के मिश्रित कर तैयार किया जाता है ।

2. जैली मार्मलेड :

इस उत्पाद को जैली में फल के छिल्के डालकर तैयार किया जाता है 

सामग्री :

फल का रस अथवा गूदा 1 किलो ग्राम, शक्कर 1 किलो ग्राम, फल के पतले छिल्के आवश्यकता अनुसार, पोटैशियम-मैटा-बायसल्फाईट प्रति किलो दो चुटकी (40 पी.पी.एम.), नारंगी अनुशंसित रंग  एवं एसेंस आवश्यकतानुसार ।

विधि :

जैम मार्मलेड व जैली मार्मलेड कि निर्माण विधि जैली के निर्माण की विधि की तरह ही है । इनके निर्माण में भिन्नता मात्र निम्नलिखित है:

1. इनका निर्माण केवल नींबू वर्गीय फलों के द्वारा किया जाता है ।

2. संतरे के छिल्के के अंदरूनी भाग में उपस्थित सफेद भाग, रेशे व बीज, मलमल के कपड़े में बाँध कर पोटली बना लें । संतरे के फाँकों को कुचलने के उपरांत, उबालते समय यह पोटली उबलते हुये   रस एवं गूदे में डुबाकर रखें तथा 15 मिनट बाद यह पोटली निचोड़ कर अलग कर लें । पोटली से फल का अर्क निकाल कर मार्मलेड को एक विशेष प्रकार का स्वाद (संतरे की कड़वाहट का स्वाद) प्रदान करता है ।

3. रस या गूदे में शक्कर मिलाने के उपरांत, रस या गूदे को चम्मच से गिराने पर तार अथवा धागे बनने पर, पूर्व से तैयार छिल्के के छोटे टुकडों एवं सिट्रिक अम्ल मिलायें ।  

4. छिल्के तैयार करने के लिये छिल्कों को साफ करें, भीतर के सफेद हिस्से को हटायें । छिल्कों को छोटे व पतले आकार में काट कर 15 मिनट तक, एक बार जल परिवर्तित कर उबाल लें ताकि छिल्कों की कड़वाहट दूर हो सके।

मार्मलेड के निर्माण का परीक्षण जैली की तरह ही करें एवं आगे की प्रक्रिया जैली की तरह ही अपनायें तथा मार्मलेड तैयार पाये

स्वादिष्ट जैम बनाने की वैज्ञानिक विधि

 निश्चित  मात्रा में पैक्टिन एवं अम्ल युक्त, एक प्रकार से पके फल अथवा विभिन्न प्रकार से पके फलों के गूदे एवं शक्कर को निश्चित  समय तक जल में उबाल कर तैयार किया गया, मुलायम, चिकना, आकर्षक फलों के स्वाद एवं सुगंध से युक्त 68.5 प्रतिशत  घुलनशील  ठोस पदार्थ वाला खाद्य पदार्थ हैं ।



जैम निर्माण की विधि:

1. जैम बनाने की विधि जैली बनाने की विधि बनाने जैसी ही है । आम, अन्नानास एवं पपीते के पके हुये   स्वस्थ, ताज़े, सुगंधित फलों से जैम का निर्माण किया जाता है  चयनित फलों को बहते हुये साफ जल में दो मिनट तक धोने के उपरांत डंठल, पत्ती, छिल्के , बीज इत्यादि को निकाल कर मध्यम आकार के टुकडों में काटकर बताई गई जल की मात्रा में 15 मिनट तक पकायें, साथ ही गूदे को कुचलें  एवं स्टेनलिस स्टिील की छन्नी से गूदे को छान लें ।

2. एक किलो फल के गूदे में बताई गई मात्रा में साफ शक्कर मिलाते हुये जैम तैयार होते तक उबालें । जैली निर्माण परीक्षण की तरह ही जैम निर्माण में परीक्षण के लिये शीट परीक्षण करें । जब जैम चम्मच से एक साथ अंग्रेजी के ‘‘यू‘‘ अक्षर का आकार बनाकर गिरे तब जैम को तैयार समझना चाहिये । बोतल का निर्जिमीकरण, जैम की बोतलीबंदी, सीलिंग, खराब होने के कारण, निराकरण एवं सावधानियाँ जैली निर्माण के समान हैं ।

विशेष:  

1. जैम एक प्रकार के फल या कई प्रकार के फलों के गूदे को मिलाकर भी बनाया जा सकता है ।

2. जैम निर्माण में 40 पी.पी.एम. (एक किलो में लगभग दो चुटकी) पोटैशियम-मेटा-बाय-सल्फाईट  परिरक्षण हेतु मिलायें ।